शुक्रवार, फ़रवरी 11, 2005

कार्यालय-प्रपंचों में विजय प्राप्ती के लिए नौ नीतियाँ

"कार्यालय-प्रपंचों में विजय प्राप्ती के लिए नौ नीतियाँ" नामक इस अंग्रेजी मूल के लेख की लेखिका सुश्री केट लारेंज़ है तथा इस लेख का हिन्दी अनुवाद, मेरे मित्र व सहकर्मी श्री प्रदीप त्यागी जी ने किया है और अपने मेरा प्रयास : कम्प्यूटर व इंटरनेट जगत में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग नामक वेब-स्थल पर प्रकाशित किया है ।

इस लेख के हिन्दी संस्करण की एक बानगी देखें ।

कार्यालय-प्रपंचों द्वारा कार्यस्थल पर काली छाया पड़ सकती हैं, लेकिन कोई कंपनी कितनी ही बड़ी या छोटी क्यों न हो, यह कार्यालय-प्रपंच सभी के लिए एक टाला न जा सकने वाला सत्य है। हममें से अधिकांश यह विश्वास करना चाहते हैं कि हमें अपने कार्य में अग्रणी बनने के लिए प्रपंचों का खेल खेलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। परंतु सच्चाई यह है कि प्रत्येक व्यापारिक निर्णय के विस्तृत पहलू होते हैं, जिनके द्वारा एक सफल व्यापारी इस खेल को खेलने के गुर सीखता है। यदि आप अभी तक कार्यालय-प्रपंचों की कला में निपुणता हासिल नहीं कर पाए हैं तो भी अभी देर नहीं हुई है। यहाँ नौ नियम दिए जा रहे हैं, जो कि आपको कार्यालय में अपने सम्मान की रक्षा करते हुए इन प्रपंचों को रचने व खेलने में सहायता प्रदान करेंगे।

1. नेक खेल ।
2. “स्वर्णिम निति” को याद करें ।
3. एक मार्ग-दर्शक चुनें ।
4. सबकी नज़रों में आएँ ।
5. दिखावा करें, पर अत्यधिक नहीं ।
6. अफवाहों से बचें ।
7. संचार के गुर सीखें ।
8. अपने बॉस की छवि सुन्दर बनाएँ ।
9. लोगों से बातें करें ।

कार्यालय-प्रपंचों में विजय प्राप्ती के लिए इस सम्पूर्ण लेख को यहाँ पढ़ें ।