शनिवार, जून 04, 2005

ट्रकों के पीछे लिखे जीवन के मूल्य

हाई-वे पर यात्रा करने के दौरान, मै हमेशा आगे चलने वाले ट्रकों के पीछे लिखी हुई, उक्तियों/शेरो-शायरियों को पढ़ता रहता हूँ । जीवन के मूल्यों पर दो-लाइनों में, इससे अधिक किसी भी जगह पर, यह ज्ञान शायद ही उपलब्ध होगा । हाल ही, मै अपने निवास-स्थल से जामनगर की यात्रा कर रहा था । आगे जाने वाले ट्रक के पीछे लिखा था :

"मेरा सो जावे नहीं, जावे सो मेरा नहीं ।"

मुझे लगता है, मात्र सिर्फ़ इस विचार को ही आत्मसात करने से, और किसी तनाव-मुक्त करने की प्रक्रिया या उपचार की आवश्यकता नहीं होगी ।