एक कविता का अनुवाद
गुलाब होते है लाल,
बनफ़शे होते है बैगनी ।
अपनी पहचान को बदल सकता हूँ मै कभी भी
तुम्हें प्यार करते रहने को बदल सकता हूँ, कभी नहीं ॥
"Roses are red
Violets are Blue
I can change my culture
But i can never change loving you."
दिनांक १२।६।२००५ को जोड़ा :
--------------------
एक बार फ़िर, श्रीमती जी ने फ़िर सिद्ध कर दिया कि वे "श्री" + "मति" दोनों की स्वामिनी है और यदि अंग्रेजी में कहा जाएँ तो "Better Half" । उन्होनें इसी कविता का अपनी काव्यात्मक शैली और अपने परा-स्नातक हिन्दी ज्ञान का उपयोग करके इस प्रकार किया :
लाल होते है गुलाब, नीले बनफ़ूल ।
खुद को बदल सकता हूँ, पर
तुम्हें ना-चाहने की, कर नहीं सकता हूँ भूल ॥


<< Home